जलविद्युत संयंत्र (Hydro Power Plant) Short Notes
पावर जेनरेशन: कच्चे ऊर्जा के विभिन्न रूपों जैसे कोयल, पानी, परमाणु को समाज के लिए उपयोगी विद्युत ऊर्जा में परिवर्तन करना ही पावर जेनरेशन कहलाता है।
पावर जनरेशन में ऐतिहासिक मील के पत्थर:
- 1878 में पहले शक्ति संयंत्र स्थापित किया गया।
- 1881 में प्रयोग बिजली उत्पादन के लिए 24 इलेक्ट्रिक जेनरेटरों का प्रयोग किया गया।
- 1882 में थॉमस एडिसन साहब ने न्यूयॉर्क में पहला सामुदायिक पावर प्लांट 'पर्ल स्ट्रीट स्टेशन' स्थापित किया।
चलिए अब हम देखते हैं ऊर्जा के स्रोतों का वर्गीकरण कैसे किया जाए?
ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण
एनर्जी सोर्स को दो मुख्य वर्गों में बांटा गया है
1. परंपरागत स्रोत
- गैर नवीकरणीय स्रोत जिन्हें एक बार उपयोग करने के बाद पुनः उत्पन्न नहीं किया जा सकता है उसे परंपरागत स्रोत कहते हैं। जैसे:- कोयला, तेल, न्यूक्लियर।
- गैर परंपरागत स्रोत:- प्रचुर मात्रा में उपलब्ध नवीकरणीय स्रोत (जैसे Solar, Water,Wind) यह सभी गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत कहलाते हैं।
Share of Energy Sources
हम देखते हैं कि भारत में ऊर्जा के स्रोतों का हिस्सा कुछ इस प्रकार है (प्रतिशत में) -
भारत में सबसे ज्यादा ऊर्जा के स्रोत का हिस्सा देखा जाए तो कोयला 58.42 प्रतिशत की हिस्सेदारी निभाता है अर्थात हम कह सकते हैं कि कोयला हमारे ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों में से एक है जिस पर हम सबसे ज्यादा निर्भर हैं। चलिए हम एक लिस्ट के रूप में देखते हैं कि भारत में ऊर्जा के स्रोतों का हिस्सा कितना है-
- Coal - 58.42
- Renewable - 18.17℅
- Hydro - 13.52℅
- Nuclear- 2.05℅
- Diesel - 0.25
- Natural Gas - 7.60℅
(Note:- Share Of Sources Are In Percentage. )
भारत में कल स्थापित पावर की क्षमता 520 GW { (520×19^9 watt) } है। जिसमें सभी ऊर्जा के स्रोतों से प्राप्त ऊर्जा सम्मिलित है।
Hydro Power Plant (जल विद्युत संयंत्र)
हाइड्रो पावर प्लांट:- जल विद्युत संयंत्र एक ऐसा विद्युत उत्पादन संयंत्र है जिसमें जल एक आवश्यक ईंधन है इसमें टरबाइन की सहायता से स्थितिज ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में और गतिज ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है टरबाइन जनरेटर को चलती है और बिजली उत्पन्न हो जाती है।
- Key Point:-
- Fuel = Water
विभिन्न Exams में हाइड्रो पावर प्लांट में ईंधन के रूप में पानी या फिर ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसा विकल्प दिया जाता है क्योंकि अपनी एक फ्री ऑफ कॉस्ट उपलब्ध होता है इसलिए इसमें फ्यूल की कीमत नगण्य होती है।
भारत की महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाएं
सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न:
पावर जेनरेशन के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न जो संभवत कंपटीशन एग्जाम में पूछे जा सकते हैं यह प्रश्न मुख्यतः किसी न किसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं, चलिए देखते हैं:-
- कोयना जलविद्युत परियोजना :
- भारत का सबसे बड़ा पूर्ण जलविद्युत संयंत्र है। इसकी विद्युत क्षमता 1960 मेगावाट है।
- पहला जलविद्युत संयंत्र सिदरापोंग जलविद्युत संयंत्र था।
- टिहरी जलविद्युत संयंत्र
- देश की सबसे ऊंची जलविद्युत परियोजना है, साथ ही टिहरी बांध भारत का सबसे ऊंचा बांध भी है। (260.5m)
- श्रीशैलम जलविद्युत संयंत्र
- भारत की तीसरी सबसे बड़ी कार्यरत परियोजना है।
- नाथपा झाकरी जलविद्युत संयंत्र
- देश की सबसे बड़ी भूमिगत जलविद्युत परियोजना है।
- सरदार सरोवर बांध विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कंक्रीट बांध है।
- Largest की बात की जाए तो हीराकुंड बांध सबसे लार्जेस्ट बाँध है, जो की महानदी पर बना है।
Advantages Of Hydro Power Plant
- हाइड्रो पावर प्लांट में ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है।
- हाइड्रो पावर प्लांट अत्यधिक विश्वसनीय होते हैं।
- हाइड्रो पावर प्लांट का संचालन और रखरखाव में सबसे सस्ते होते हैं।
- यह पावर प्लांट तुरंत चालू हो जाते हैं।
- हाइड्रो पावर प्लांट स्टैंड बाय मोड में इसमें कोई नुकसान नहीं होता है।
- इसकी आयु अत्यधिक होती है या लंबी होती है।
- हाइड्रो पावर प्लांट स्वच्छ और स्वस्थ कर होते हैं।
- यह प्लांट सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण जैसी अन्य कार्यों में भी उपयोगी होते हैं।
Selection Of Site For Hydro Power Plant
हम हाइड्रो पावर प्लांट स्थापित करने के लिए इसकी साइट का चयन करते हैं जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखा जाता है जो की निम्नलिखित हैं-
- पानी की उपलब्धता अच्छी हो।
- जल भंडारण किया जा सके।
- भूमि का जलस्तर अच्छा हो।
- Load केंद्र से दूरी।
- साइट तक पहुंच।
- जल प्रदूषण कम से कम हो।
- विशाल जल संग्रहण क्षेत्र उपलब्ध हो।
- भूमि की सुलभता पूर्वक उपलब्धता हो।
मुख्यतः देखा जाता है कि ऐसे क्षेत्र जहां पर साक्षरता दर सबसे कम होती है वहां पर सरलता से भूमि उपलब्ध नहीं हो पाती क्योंकि व्यक्तियों या वहां के रहवासियों को यह डर रहा आता है कि हमारा पानी अब पीने योग्य नहीं रहेगा। इस वजह से वहां पर हाइड्रो पावर प्लांट लगाना या इसके लिए भूमि लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
Disadvantaged Of Hydro Power Plant
हाइड्रो पावर प्लांट के कुछ डिस-एडवांटेजेस या हानियां भी होती हैं जिन्हें हम निम्नलिखित रूप से देख सकते हैं-
- इसके निर्माण के लिए हमें बड़े क्षेत्र की आवश्यकता होती है निर्माण में लागत बहुत अधिक लगती है।
- यह लोड केदो से दूर स्थापित किया जाता है इसलिए ट्रांसमिशन लागत भी अधिक होती है।
- फर्म की क्षमता कम होती है।
इसकी गणना के लिए कुछ मुख्यतः सूत्र पूछे जाते हैं जो कि हर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है चलिए देखते हैं:-
The Electrical Power Developed — P=wQHnx9.81×10^3 kg/m^3
The Power Development — P=wQHx9.81×10^3 kg/m^3
Here is,
w— Specific gravity of water kg/m^3
Q— Rate of flow of water m^3/sec
H— height of head meters
n— overall Efficiency
Q1 एक जल विद्युत संयंत्र 50 m प्रभावी हेड पर कार्य करता है तथा जल का निर्वहन 94 m^3/sec है, उत्पन्न शक्ति ज्ञात कीजिए?
हल:-
दिया है,
H— 50m
Q— 94 m^3/s
W— 1000 kg/m^3
P=wQH×9.81×10^-3 Kw
P = 1000×94×50×9.8×10^-3
P = 46060 Kw
कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं निम्नवत है —
1. वर्षा ( Precipitation) :
वर्षा किसी भी प्रकार का जल है जैसे बारिश, बर्फ, ओले या हिमपात। जो वायुमंडल से गिरता है और नदी बेसिन में जल संसाधनों में उपयोग या योगदान देता है।
जल विद्युत उत्पादन में वर्षा एक महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि यह नदियों जलाशयों और झीलों में जल स्तर को पुनः भरता है, जो जल विद्युत टरबाइन के लिए ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत हैं।
2. EVAPORATION - तरल का गैस मे बदलना:
Latest Job वाष्पीकरण से जल विद्युत उत्पादन के लिए उपलब्ध जल की मात्रा कम हो जाती है जिससे संयंत्र की दक्षता और क्षमता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से उचित तापमान और कम वर्षा वाले क्षेत्र में जलाशयों को अक्सर सतह क्षेत्र को अनुकूलित करके और कुछ मामले में आवरण या अवरोध लगाकर वाष्पीकरण से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए डिजाइन किया जाता है।
3. Run Off:
जल विद्युत संयंत्र में अपवाह वर्षा (बारिश, बर्फ पिघलने आदि ) का वह भाग है जो भूमि की सतह पर रहकर नदियों, नालों और जलाशय तक पहुंचता है। यह जल विद्युत संयंत्रों में बिजली उत्पादन के लिए पानी की उपलब्धता निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक है।
4. Hydrograph:
किसी नदी का हाइड्रोग्राफ समय के सापेक्ष जल प्रवाह में होने वाले परिवर्तनों का एक चित्रात्मक निरूपण होता है अर्थात यह जल प्रवाह versus समय का graph है।
5. द्रव्यमान वक्र (Mass Curve):
द्रव्यमान वक्र एक ऐसा वक्र है जो किसी निश्चित समय तक प्रति घन मीटर में कुल अपवाह की मात्रा को दर्शाता है। यह वक्र औसत मासिक प्रवाह के रिकॉर्ड से प्राप्त किया जाता है।
6. प्रवाह अवधि वक्र (Flow Duration Curve):
प्रवाह अवधि वक्र किसी स्थान पर उपलब्ध बिजली का निर्धारण करने के लिए हाइड्रोग्राफ का एक सुविधाजनक रूप है। यह प्रवाह और उस समयावधि के बीच संबंध दर्शाता है जिसके दौरान वे उपलब्ध होते हैं।
7. जल संग्रहण (Storage):
जल संग्रहण संयंत्रों में बांध और जलाशय होते हैं जिनमें पानी जमा किया जाता है, जिसे बाद में संग्रहित किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर छोड़ा जाता है।
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| जल संग्रहण (Storage) |
जलाशय (Reservoir):
परिचय — जलविद्युत संयंत्र में जलाशय एक कृत्रिम या प्राकृतिक जल भंडारण प्रणाली है जो नदी पर बांध बनाकर निर्मित की जाती है। यह नियंत्रित रूप से पानी छोड़ने के लिए उसे संग्रहित करके संयंत्र के कुशल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- जल भंडारण: भारी वर्षा के दौरान पानी का भंडारण ताकि शुष्क मौसम में उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
- ऊर्जा उत्पादन: टर्बाइनों को पानी का निरंतर प्रवाह।
- बाढ़ नियंत्रण: अतिरिक्त पानी के बहाव को नियंत्रित करना।
- सिंचाई और जल आपूर्ति: कृषि और घरेलू उपयोग के लिए पानी।
- मनोरंजन और मत्स्य पालन: नौका विहार और पर्यटन।
बांध (The Dam)
परिचय — एक अवरोध जो पानी के बहाव को रोकता है ताकि एक उच्च हेड (ऊंचाई) बनाई जा सके।
- बिजली उत्पादन: जलविद्युत के लिए प्राथमिक उपयोग।
- सिंचाई: कृषि के लिए पानी की आपूर्ति।
- बाढ़ नियंत्रण: बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी का प्रबंधन।
- मत्स्य पालन: मछली पालन में सहायता।
बांधों के प्रकार
1. गुरुत्वाकर्षण बांध (Gravity Dam):
- कंक्रीट या पत्थर की चिनाई से निर्मित, यह बांध पानी के बल का प्रतिरोध करने के लिए अपने वजन पर निर्भर करता है (जैसे भाखरा नांगल बांध)।
2. चापाकार बांध (Arch Dam):
- घुमावदार आकार का, जिसका उत्तल भाग पानी की ओर है, यह जल दाब को घाटी की दीवारों तक स्थानांतरित करता है (जैसे इडुक्की बांध)।
3. बट्रेस बांध (Buttress Dam):
- नदी के निचले हिस्से में त्रिकोणीय आकार के सहारे से समर्थित, यह उन क्षेत्रों में किफायती है जहां निर्माण सामग्री सीमित है।
फोरबे (Forebay):
- फोरबे कम जलभार की अवधि के दौरान अस्थायी रूप से पानी संग्रहित करने के लिए एक नियामक जलाशय के रूप में कार्य करता है। यह जलभार बढ़ने पर मांग में प्रारंभिक वृद्धि के दौरान पानी उपलब्ध कराता है।
स्पिलवे (Spillways):
- स्पिलवे एक ऐसी संरचना है जिसे बांध के पास बनाया जाता है ताकि अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से निकाला जा सके, जिससे बांध को क्षति से बचाया जा सके। यह बाढ़ प्रबंधन के लिए आवश्यक है।
इंटेक (Intake)
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| इंटेक (Intake) |
- इंटेक एक ऐसी संरचना है जिसे जलाशय से टर्बाइनों तक पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह बिजली उत्पादन प्रक्रिया का पहला चरण है।
सर्ज टैंक (Surge Tank)
- सर्ज टैंक इनटेक और टरबाइन के बीच स्थापित एक सुरक्षात्मक संरचना है जो पेनस्टॉक में पानी के दबाव को नियंत्रित करती है। यह टरबाइनों पर भार परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाले 'वाटर हैमर' प्रभावों को रोकता है।
पेनस्टॉक (Penstock)
- पेनस्टॉक एक बड़ी पाइप या नाली होती है जो जलाशय से टर्बाइन तक दबावयुक्त पानी पहुंचाती है। यह बिजली उत्पादन के लिए नियंत्रित जल प्रवाह सुनिश्चित करता है।
ट्रैश रैक (Trash Racks)
- ट्रैश रैक एक धातु की जाली होती है जिसे इनटेक पर लगाया जाता है। इसका काम पानी में से पत्तियां, शाखाएं और अन्य तैरती वस्तुओं को छानना है ताकि टर्बाइन क्षतिग्रस्त न हो।
टेल रेस (Tailrace)
- टेल रेस वह नहर या नाली है जो टर्बाइन से निकलने वाले पानी को वापस नदी में ले जाती है। यह पानी के सुचारू निकास को सुनिश्चित करती है।
ड्राफ्ट ट्यूब (Draft Tubes)
- ड्राफ्ट ट्यूब टरबाइन रनर के निकास पर स्थापित एक अपसारी ट्यूब है जो पानी की गतिज ऊर्जा का उपयोग करती है। यह निकास द्रव के वेग की कीमत पर उसके दबाव को बढ़ाती है।
रन-ऑफ-रिवर संयंत्र (Run off river type)

रन-ऑफ-रिवर संयंत्र (Run off river type)

यह संयंत्र नदी के प्राकृतिक प्रवाह और जलस्तर में गिरावट का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करता है, इसमें पर्याप्त जल भंडारण की आवश्यकता नहीं होती। यह पर्यावरण अनुकूल और किफायती है।
पॉन्डेज युक्त रन-ऑफ-रिवर:
- इसमें एक छोटा जलाशय शामिल होता है जो चरम मांग को पूरा करने के लिए सीमित जल भंडारण प्रदान करता है।
टरबाइन (Turbine)
विशिष्ट गति (Specific speed):
- किसी टरबाइन के लिए विशिष्ट गति वह गति है जो इकाई शीर्ष (एक मीटर) के तहत इकाई हॉर्स पावर उत्पन्न करेगी।
अनियंत्रित गति (Runaway Speed):
- यह वह अधिकतम गति है जो टरबाइन बिना किसी बाहरी भार के तब प्राप्त करती है जब जनरेटर से भार अचानक हटा दिया जाता है।
टरबाइनों के प्रकार
1. पेल्टन व्हील टरबाइन (Pelton Wheel):2. फ्रांसिस टरबाइन (Francis Turbine):
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| फ्रांसिस टरबाइन (Francis Turbine) |
- यह एक रिएक्शन टरबाइन है जो रेडियल और एक्सियल दोनों प्रकार के जल प्रवाह का उपयोग करता है। हेड - 70 m से 200 m तक
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| कैपलान टरबाइन (Kaplan Turbine) |
- यह एक अंतर्मुखी प्रवाह प्रतिक्रिया टरबाइन है जो जल के दबाव और गतिज ऊर्जा दोनों से शक्ति प्राप्त करता है। 30 m से 70 m
पम्प्ड स्टोरेज पावर प्लांट (Pumped Storage)
इसका उपयोग ऊर्जा संग्रहित करने के लिए किया जाता है। इसमें कम मांग के समय पानी को नीचे से ऊपर के जलाशय में पंप किया जाता है और मांग बढ़ने पर उसे छोड़कर बिजली बनाई जाती है।
महत्वपूर्ण बिंदु (सारांश)
- सामान्यतः पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित।
- प्रारंभिक लागत अधिक, परिचालन लागत कम।
- ईंधन परिवहन शुल्क शून्य।
- लगभग 85-90% की उच्चतम दक्षता।
- तुरंत चालू किया जा सकता है।
- जलाशय के कारण बहुत बड़े क्षेत्र की आवश्यकता।
- रखरखाव लागत कम।
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Hydro Power Plant - Important FAQs
प्रश्न 1: जलविद्युत संयंत्र का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: संचित जल की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) को विद्युत ऊर्जा में
परिवर्तित करना।
प्रश्न 2: भारत का सबसे बड़ा पूर्ण जलविद्युत संयंत्र कौन सा है?
उत्तर: कोयना जलविद्युत परियोजना (क्षमता 1960 मेगावाट)।
प्रश्न 3: पेनस्टॉक (Penstock) का क्या कार्य होता है?
उत्तर: यह एक बड़ी पाइप है जो जलाशय से टर्बाइन तक दबावयुक्त पानी पहुँचाती
है।
प्रश्न 4: सर्ज टैंक (Surge Tank) क्यों लगाया जाता है?
उत्तर: पेनस्टॉक में पानी के दबाव को नियंत्रित करने और 'वाटर हैमर' प्रभाव
को रोकने के लिए।
प्रश्न 5: उच्च हेड (High Head > 200m) के लिए कौन सी टर्बाइन उपयुक्त है?
उत्तर: पेल्टेन व्हील (Pelton Wheel) टर्बाइन।
प्रश्न 6: ड्राफ्ट ट्यूब (Draft Tube) का उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: टर्बाइन रनर के निकास (exit) पर पानी की गतिज ऊर्जा का उपयोग करने के
लिए।
प्रश्न 7: भारत का पहला जलविद्युत संयंत्र कौन सा था?
उत्तर: सिदरापोंग जलविद्युत संयंत्र (Sidrapong Hydroelectric
Plant)।
प्रश्न 8: जलविद्युत संयंत्र की अनुमानित दक्षता (Efficiency) कितनी होती है?
उत्तर: लगभग 85% से 90% तक।
प्रश्न 9: रन-ऑफ-रिवर (RoR) संयंत्र की क्या विशेषता है?
उत्तर: यह बिना किसी बड़े जल भंडारण के नदी के प्राकृतिक प्रवाह का उपयोग
करता है।
प्रश्न 10: भारत का सबसे ऊँचा बांध कौन सा है?
उत्तर: टिहरी बांध (Tehri Dam), जिसकी ऊँचाई 260.5 मीटर है।
इमेज क्रेडिट (Image Credit): इस लेख में उपयोग की गई तस्वीरें और रेखाचित्र विभिन्न शैक्षिक स्रोतों से लिए गए हैं ताकि विषयों को बेहतर ढंग से समझाया जा सके. इनमें से कुछ चित्र विषय की स्पष्टता के लिए AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) द्वारा निर्मित किए गए हैं. हम इन इमेजेस के मूल कॉपीराइट स्वामियों का सम्मान करते हैं.















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